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PM RAHAT Scheme 2026: सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा ₹1.5 लाख तक कैशलेस इलाज
केंद्र सरकार की इस योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज अधिकतम 7 दिनों तक दिया जाता है। योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद Golden Hour में समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। Emergency की स्थिति में 112 के माध्यम से सहायता और नजदीकी designated hospital की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
PM RAHAT Scheme 2026-
सड़क दुर्घटना के बाद सबसे बड़ी चिंता अक्सर इलाज के खर्च की होती है। कई बार आर्थिक परेशानी के कारण घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा पाता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने PM RAHAT Scheme 2026 शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को तुरंत और कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि पैसों की कमी के कारण इलाज में देरी न हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2026 को PM RAHAT Scheme के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ को मंजूरी दी। योजना के तहत पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ₹1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है। यह सुविधा दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक उपलब्ध रहती है। ([Press Information Bureau][1])
PM RAHAT Scheme 2026 क्या है?
PM RAHAT का पूरा नाम Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment है। हिंदी में इसे प्रधानमंत्री – सड़क दुर्घटना पीड़ितों के अस्पताल में भर्ती एवं सुनिश्चित उपचार योजना कहा जाता है।
यह योजना सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई है। योजना के अंतर्गत मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्ति को निर्धारित अस्पताल में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है।
इस योजना का कानूनी आधार Motor Vehicles Act, 1988 की Section 162 है। योजना को पहले 5 मई 2025 की अधिसूचना के जरिए अधिसूचित किया गया था और बाद में 19 फरवरी 2026 की अधिसूचना के माध्यम से इसका नाम PM-RAHAT Scheme किया गया।
PM RAHAT Scheme में कितना लाभ मिलेगा?
योजना का सबसे महत्वपूर्ण लाभ कैशलेस इलाज है।
प्रति दुर्घटना पीड़ित ₹1.5 लाख तक का उपचार कवर दिया जाएगा। यह कवर दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक लागू रहेगा। योजना किसी एक विशेष प्रकार की सड़क तक सीमित नहीं है; पात्र मोटर वाहन दुर्घटना किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई हो, योजना के नियमों के अनुसार लाभ मिल सकता है।
इसका मतलब यह है कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को इलाज के लिए तुरंत बड़ी रकम जमा करने की चिंता कम हो सकती है, बशर्ते इलाज योजना के तहत designated hospital और निर्धारित नियमों के अनुसार हो।
किन लोगों को PM RAHAT Scheme का लाभ मिलेगा?
PM RAHAT Scheme मुख्य रूप से उन लोगों के लिए है जो मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई सड़क दुर्घटना में घायल हुए हैं।
योजना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को, दुर्घटना किसी भी श्रेणी की सड़क पर हुई हो, निर्धारित सीमा के भीतर उपचार कवर उपलब्ध कराया जाता है।
इस योजना का फोकस दुर्घटना के बाद तुरंत इलाज उपलब्ध कराने पर है, न कि पीड़ित की आर्थिक स्थिति के आधार पर सहायता देने पर।
Golden Hour में इलाज पर विशेष जोर
सड़क दुर्घटना में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। सरकार ने PM RAHAT को इसी Golden Hour की अवधारणा से जोड़ा है।
Golden Hour दुर्घटना के बाद का शुरुआती लगभग एक घंटा है, जिसमें समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर परिणामों को कम करने की संभावना अधिक रहती है।
योजना के तहत आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को 112 Emergency Response Support System से जोड़ा गया है। दुर्घटना स्थल पर मौजूद पीड़ित, उसका परिवार, कोई राहगीर या Good Samaritan 112 पर संपर्क करके नजदीकी designated hospital की जानकारी और ambulance assistance मांग सकता है। ([Press Information Bureau][3])
Stabilization Treatment की सुविधा
PM RAHAT Scheme में दुर्घटना पीड़ित को शुरुआती स्थिति में स्थिर करने के लिए stabilization treatment का भी प्रावधान है।
गैर-जानलेवा स्थिति में 24 घंटे तक
जानलेवा स्थिति में 48 घंटे तक
stabilization treatment दिया जा सकता है। यह प्रक्रिया integrated digital system पर police authentication के अधीन है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि दुर्घटना के बाद आवश्यक emergency treatment शुरू करने में अनावश्यक देरी न हो।
PM RAHAT Scheme में इलाज कहां मिलेगा?
योजना के तहत इलाज designated hospitals में उपलब्ध कराया जाता है।
सरकार की जानकारी के अनुसार, PM RAHAT की निर्धारित guidelines का पालन करने वाले Ayushman Bharat PM-JAY से empanelled hospitals भी designated hospitals के रूप में माने जा सकते हैं। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जरूरत के अनुसार अतिरिक्त hospitals को scheme के तहत onboard करने की सलाह दी गई है। ([Press Information Bureau][2])
इसलिए दुर्घटना की स्थिति में सबसे जरूरी काम घायल व्यक्ति को जल्द से जल्द नजदीकी designated hospital तक पहुंचाना है।
PM RAHAT Scheme में 112 नंबर की भूमिका
दुर्घटना होने के बाद अगर किसी व्यक्ति को यह पता नहीं है कि घायल को किस अस्पताल में ले जाना है, तो **112** पर संपर्क किया जा सकता है।
112 के माध्यम से:
नजदीकी designated hospital की जानकारी मिल सकती है।
Ambulance assistance मांगी जा सकती है।
Emergency response को सक्रिय किया जा सकता है।
दुर्घटना पीड़ित को Golden Hour में अस्पताल पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
यह व्यवस्था PM RAHAT को सामान्य चिकित्सा सहायता से अलग बनाती है, क्योंकि इसमें emergency response और hospital treatment को एक डिजिटल framework से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
PM RAHAT Scheme कैसे काम करती है?
PM RAHAT को technology-based system के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इसमें सड़क दुर्घटना की जानकारी से लेकर hospital admission, police authentication, treatment, claim processing और payment तक की प्रक्रिया को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने की व्यवस्था की गई है।
इसके लिए Ministry of Road Transport and Highways के Electronic Detailed Accident Report (eDAR) platform और National Health Authority के Transaction Management System (TMS 2.0) के बीच integration किया गया है।
इसका उद्देश्य accident victim को इलाज मिलने की प्रक्रिया को ज्यादा तेज और व्यवस्थित बनाना है।
PM RAHAT Scheme 2026 की मुख्य विशेषताएं
| जानकारी | विवरण
| योजना का नाम | PM RAHAT Scheme
| पूरा नाम | Prime Minister – Road Accident Victims’ Hospitalisation and Assured Treatment
| शुरुआत | 13 फरवरी 2026
| लाभार्थी | पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ित
| इलाज की राशि | ₹1.5 लाख तक
| उपचार अवधि | दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिन
| सड़क | किसी भी श्रेणी की सड़क
| Emergency Helpline | 112
| अस्पताल | Designated Hospitals
| मुख्य उद्देश्य | समय पर कैशलेस और सुनिश्चित उपचार
PM RAHAT Scheme का लेटेस्ट अपडेट
सरकार द्वारा 12 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक अपडेट के अनुसार, 31 जुलाई 2026 तक 34 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 22,481 दुर्घटना पीड़ितों को PM RAHAT Scheme का लाभ मिल चुका था।
इसी अवधि में hospitals द्वारा उठाए गए claims में से ₹12.59 करोड़ के claims approve किए गए और इनमें से ₹10.56 करोड़ का भुगतान hospitals को किया जा चुका था।
यह आंकड़े बताते हैं कि योजना के लागू होने के बाद इसका इस्तेमाल वास्तविक सड़क दुर्घटना मामलों में किया जा रहा है।
क्या अस्पताल PM RAHAT के तहत इलाज से मना कर सकता है?
सरकार के अनुसार, योजना के तहत designated hospital द्वारा पात्र पीड़ित को admission या treatment से मना करना scheme provisions का non-compliance माना जाता है। ऐसे मामलों में संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ([Press Information Bureau][2])
हालांकि, लाभ प्राप्त करने के लिए मामला योजना की eligibility और निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत होना जरूरी है।
PM RAHAT Scheme 2026 का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पैसे का इंतजाम करने में लगने वाला समय बचाना है।
सरकार का मानना है कि दुर्घटना के बाद जल्द चिकित्सा सहायता मिलने से कई जानें बचाई जा सकती हैं। इसलिए PM RAHAT में तीन बातों पर विशेष ध्यान दिया गया है:
1. दुर्घटना के तुरंत बाद emergency response
2. Golden Hour में hospital तक पहुंच
3. निर्धारित सीमा तक cashless treatment
इससे सड़क दुर्घटना के बाद पीड़ित और उसके परिवार पर तत्काल आर्थिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष
PM RAHAT Scheme 2026 सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण healthcare initiative है। योजना के तहत पात्र accident victims को ₹1.5 लाख तक का cashless treatment, अधिकतम 7 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दुर्घटना के समय इलाज में देरी नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति में 112 Emergency Response System से सहायता ली जा सकती है और नजदीकी designated hospital की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
आधिकारिक जानकारी और योजना से जुड़े अपडेट के लिए Ministry of Road Transport & Highways की सूचनाओं को प्राथमिकता देना चाहिए।
FAQs – PM RAHAT Scheme 2026
Q1. PM RAHAT Scheme क्या है?
PM RAHAT सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस और सुनिश्चित चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराने वाली केंद्र सरकार की योजना है।
Q2. PM RAHAT में कितने रुपये तक इलाज मिलता है?
पात्र पीड़ित को ₹1.5 लाख तक का treatment cover मिलता है।
Q3. इलाज कितने दिनों तक मिलता है?
दुर्घटना की तारीख से अधिकतम 7 दिनों तक।
Q4. PM RAHAT Scheme किसके लिए है?
मोटर वाहन के इस्तेमाल से हुई सड़क दुर्घटना में घायल पात्र पीड़ितों के लिए।
Q5. PM RAHAT में Emergency के लिए कौन-सा नंबर है?
Emergency assistance के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है।
Q6. क्या हर अस्पताल में PM RAHAT का लाभ मिलेगा?
नहीं। इलाज योजना के तहत designated hospitals में उपलब्ध कराया जाता है। निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कुछ AB-PM-JAY empanelled hospitals भी designated hospitals माने जा सकते हैं।
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